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1.8 पुनर्जागरण की प्रमुख विशेषताएँ

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1.  मानववाद (Humanism):  

•  पुनर्जागरणकीकेन्द्रीयविचारधारा –  मानववाद –  मानवकोसृष्टिकाकेंद्रऔरस्वतंत्रविवेकशीलप्राणीमानतीथी।  
 • “Man is the measure of all things” –  इसविचारकेअंतर्गतव्यक्तिकीगरिमा स्वतंत्रता संवेदनाऔरतर्ककोसर्वोपरिमानागया।  
 •  पेत्रार्क पिकोडेलामिरांडोला , और एरास्मस मानववादीचिंतनकेअग्रणीथे।  
 •  विषयोंकीनईश्रेणी Studia Humanitatis ( व्याकरण इतिहास काव्य दर्शन नैतिकता विकसितहुई।

2.  धर्मनिरपेक्षसोच (Secular Outlook):  

•  ज्ञान कलाऔरशासनअबधर्मकेअधीननहोकरमनुष्यऔरसमाजकीसमस्याओंपरकेंद्रितहोनेलगे।  
 •  कला साहित्यऔरदर्शनअबधार्मिकआख्यानोंसेहटकर प्राकृतिक लौकिकऔरमानवीयविषयों परकेन्द्रितहुए।  
 •  राज्यऔरचर्चकेबीचकीसीमाएँस्पष्टहोनेलगीं।

3.  वैज्ञानिकदृष्टिकोणऔरप्रकृतिकीपुनर्व्याख्या :  

•  पुनर्जागरणकेदौरानज्ञानकाआधारअंधविश्वाससेहटकरअवलोकन प्रयोगऔरतर्कबना।  
 •  कोपरनिकसका Heliocentric  सिद्धांत गैलीलियोकेदूरबीनप्रयोग केपलरकेग्रहोंकीगतिनियमऔरन्यूटनकेगुरुत्वाकर्षणसिद्धांतनेआधुनिकविज्ञानकीनींवरखी  
 •  शरीर - विज्ञान खगोलविज्ञान यांत्रिकीऔररसायनमेंमहत्त्वपूर्णप्रगतिहुई ( वेसालियस हार्वे बोइल )

4.  कलात्मकउत्कर्षऔरयथार्थवाद :  

•  चित्रकला मूर्तिकलाऔरस्थापत्यमेंयथार्थवाद मानवशरीरकावैज्ञानिकचित्रणऔर perspective कीतकनीकोंकाविकासहुआ।  
 • Linear Perspective दूरी गहराईऔरआयामोंकायथार्थचित्रण।  
 • Chiaroscuro प्रकाशऔरछायाकेसंतुलनद्वारामूडऔरगहराईउत्पन्नकरना।  
 •  प्रमुखकलाकार लियोनार्डोदाविंची माइकेलएंजेलो राफेल बोटिचेली टिशियन

5.  प्राचीनताकापुनरुद्धार (Classical Revival):  

  • •  ग्रीक - रोमनग्रंथों स्थापत्य नाट्य दर्शनऔरराजनीतिकीपुनर्पाठप्रवृत्ति –  Ad fontes ( मूलस्रोतोंकीओर )  
     •  प्लेटो अरस्तू सिसरो होमर लिवीजैसेविद्वानोंकेविचारोंकोपुनःअपनायागया।  
     •  प्राचीनभवननिर्माणशैलियोंजैसे डोरिक आयोनिक कोरिन्थियन काप्रयोगफिरसेहुआ।

6.  छपाईक्रांति (Printing Revolution):  

• 1455  मेंजोहान्सगुटेनबर्गद्वारायूरोपमें movable type printing press काआविष्कार –  गुटेनबर्गबाइबिल प्रथममुद्रितपुस्तकमानीजातीहै।  
 •  इससेविचारोंकातीव्रप्रसार साक्षरतामेंवृद्धि और पुस्तकोंकीलोकतांत्रिकउपलब्धता संभवहुई।  
 •  धार्मिकसुधारऔरबौद्धिकक्रांतिकायहआधारबना।

7.  शिक्षाकाविस्तारऔरसंस्थागतविकास :  

•  पेरिस ऑक्सफोर्ड बोलोग्ना सलामैंका जैसेविश्वविद्यालयोंमें मानवतावादीपाठ्यक्रम अपनाएगए।  
 •  अकादमियाँ ( जैसे Accademia Platonica –  फ्लोरेंस औरपुस्तकालयस्थापितहुए।  
 •  Grammar schools केमाध्यमसेनईशिक्षापद्धतिमेंसाहित्य तर्क व्याकरणऔरगणितकोस्थानमिला।

8.  भाषायीनवोत्थानऔरजनभाषाकाप्रयोग :  

•  लैटिन कीजगहस्थानीयभाषाओं (vernaculars) काप्रयोगबढ़ा –  ज्ञानअबआमजनतातकपहुँचनेलगा।  
 •  महानरचनाएँ :  
 –  दांते की “Divine Comedy” ( इतालवीमें )  
 –  सेर्वेंतेस की “Don Quixote” ( स्पेनीमें )  
 –  शेक्सपीयर केनाटकवकाव्य ( अंग्रेजीमें )  
 •  इससे राष्ट्रभाषाकीभावना कोबलमिलाऔरसाहित्यमेंविविधताआई।

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