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1.7 पुनर्जागरण की आधारभूमि के निर्माण में भूमिका निभाने वाले स्रोत

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1.7  पुनर्जागरण की आधार भूमि के निर्माण में भूमिका निभाने वाले स्रोत  

1.  अरबी अनुवादों के माध्यम से यूनानी - रोमन ज्ञान का पुनरुद्धार :  

• 8 वीं से 12 वीं शताब्दी के बीच ,  मध्यकालीन इस्लामी विद्वानों ( जैसे अल - फराबी ,  इब्न रश्द ,  इब्न सीना )  ने अरस्तू ,  प्लेटो ,  हिप्पो क्रेट्स और गैलेन जैसे यूनानी दार्शनिकों के कार्यों का अरबी भाषा में अनुवाद  किया।  
 •  इन ग्रंथों का पुनः लैटिन में अनुवाद स्पेन (Toledo और Córdoba)  जैसे केंद्रों में हुआ ,  जिससे वे यूरोप के विद्वानों तक पहुँचे।  
 •  इससे दर्शन ,  तर्कशास्त्र ,  चिकित्सा ,  ज्योतिष ,  गणित और भौतिक विज्ञान जैसे विषयों का पुनरुद्धार संभव हुआ।  
 •  यह प्रक्रिया Ad Fontes ( मूल स्रोतों की ओर )  की पुनर्जागरणीय प्रवृत्ति की प्रेरणा बनी।

2.  थॉमस एक्विनास और तर्क - आस्था समन्वय का प्रयास :  

•  संतथॉमस एक्विनास (1225–1274),  एक ईसाई धर्म शास्त्री और दार्शनिक ,  ने अरस्तू के तर्क शास्त्र को कैथोलिक सिद्धांत  से समन्वित करने का प्रयास किया।  
 •  उनकी कृति Summa Theologica ने बताया कि तर्क और आस्था परस्पर विरोधी नहीं ,  बल्कि पूरक हैं।  
 •  यहविचारधारा स्कोलास्टिसिज़्म (Scholasticism)  कहलातीहै ,  जिसनेचर्चऔरबौद्धिकसमुदायकेबीचसंवादकीनींवरखी।  
 •  उन्होंने Natural Law Theory केमाध्यमसेनैतिकताऔरविधिमेंविवेककीभूमिकास्थापितकी।

3.  क्रूसेड्सऔरमध्य - पूर्वीज्ञानपरंपराओंकासम्पर्क :  

• 11 वींसे 13 वींशताब्दीकेक्रूसेडयुद्धोंनेयूरोपीयईसाइयोंको मुस्लिमदुनियाकीवैज्ञानिकऔरसांस्कृतिकउन्नति सेपरिचितकराया।  
 •  विशेषतःगणित ( अलजेब्रा ),  खगोलशास्त्र ,  औषधिविज्ञान ,  भूगोल ,  रसायनशास्त्रजैसेक्षेत्रोंमेंइस्लामीज्ञानयूरोपतकपहुँचा।  
 •  Baghdad, Damascus, Cairo जैसेविद्या - केंद्रोंकेसंपर्कमेंआनेसे पुस्तकालयसंस्कृति कापुनर्जन्महुआ।  
 •  इससंपर्कने रूपरेखा ,  पद्धतिऔरप्रश्नपूछनेकीवैज्ञानिकप्रवृत्ति कोजन्मदिया।

4.  यहूदीविद्वानोंकीमध्यस्थभूमिका :  

•  कईयहूदीविद्वान ( जैसेमाइमोनिडीज )  नेयूनानी - रोमनग्रंथोंकाअरबीसेहिब्रूऔरफिरलैटिनमेंअनुवादकर संस्कृतिसेतु काकार्यकिया।  
 •  उनकेयोगदानसेचिकित्सा ,  दर्शनऔरज्योतिषकेग्रंथयूरोपीयअकादमियोंमेंपहुँचे।

5.  विश्वविद्यालयोंकीस्थापनाऔरशास्त्रोंकीपुनर्पाठसंस्कृति :  

• 12 वीं –13 वींशताब्दीमेंयूरोपमें पेरिस ,  ऑक्सफोर्ड ,  बोलोग्ना ,  सालामैंका जैसेविश्वविद्यालयोंकीस्थापनाहुई।  
 •  इनमें ट्रिवियम ( व्याकरण ,  तर्क ,  वाक्पटुता ) और क्वाड्रीवियम ( गणित ,  ज्यामिति ,  संगीत ,  खगोलशास्त्र ) परआधारितशिक्षादीगई ,  जिसनेपुनर्जागरणकेलिएबौद्धिकवातावरणनिर्मितकिया।

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