1.5 प्रभावी संरक्षक केंद्र
.1. फ्लोरेंस (Florence): पुनर्जागरण की जन्म भूमि
• फ्लोरेंस को पुनर्जागरण का पालना (Cradle of Renaissance) कहा जाता है।
• यहाँ का मेडिची परिवार ( विशेषतः कोज़िमो और लोरेन्ज़ोद मेडिची ) पुनर्जागरण कला और विद्वता का सबसे बड़ा संरक्षक था।
• इस नगर में मानवतावाद (Humanism), चित्रकला , स्थापत्य और दर्शन के बीज पड़े।
• प्रमुख व्यक्तित्व :
– पेत्रार्क ( मानवतावाद का जनक )
– दांते (‘ डिवाइन कॉमेडी ’ लेखक )
– लियोनार्डोदाविंची ( विट्रुवियन मैन , मोनालिसा )
– माइकेल एंजेलो ( डेविड , सिस्टीन चैपल की चित्रकारी )
– ब्रूनेलेस्की ( डोमो ऑफ फ्लोरेंस कैथेड्रल )
2. वेनिस (Venice): कला , संगीत और मुद्रण का केंद्र
• वेनिस एक शक्तिशाली सामुद्रिक गणराज्य और व्यापारिक केंद्र था , जिससे इसे अरबी और पूर्वी ज्ञान परंपराओं तक आसान पहुँच मिली।
• यहाँ पुनर्जागरण चित्रकला में रंग प्रयोग , मुद्रण तकनीक , संगीत , और स्थापत्य का उत्कर्ष हुआ।
• वेनिस स्कूल ऑफ आर्ट – टिशियन , बेलिनी , वेरोनीज़ जैसे चित्रकारों की धरोहर।
• अल्दुस मैनुटियस द्वारा स्थापित Aldine Press ने यूनानी - रोमन ग्रंथों को बड़े स्तर पर मुद्रित कर यूरोप भर में फैलाया।
• वेनिस पुनर्जागरण का " बौद्धिक वाणिज्य केंद्र " बन गया।
3. रोम (Rome): पुनर्जागरण स्थापत्य और पोप का संरक्षण
• रोम पुनर्जागरण का धार्मिक और स्थापत्यिक केंद्र बना , विशेषकर 15 वीं शताब्दी के अंत और 16 वीं शताब्दी में।
• पोप जूलियस द्वितीय और पोपलियो X ने अनेक महान कलाकारों को संरक्षण प्रदान किया।
• वेटिकन सिटी और सेंटपीटर्स बेसिलिका के निर्माण कार्यों ने रोमन स्थापत्य को पुनर्जीवित किया।
• प्रमुख घटनाएँ व कृतियाँ :
– माइकेल एंजेलो द्वारा सिस्टीन चैपल की छत पर बाइबिल आधारित चित्रण।
– राफेल की School of Athens – मानव विवेक और दर्शन की सर्वोत्तम अभिव्यक्ति।
• रोम में पुनर्जागरण की धर्मनिरपेक्षता और ईश्वरीय कला का अद्भुत समन्वय देखा गया।